01/06/2026
'महंगाई मैन' मोदी ने 5 किलो वाला छोटू LPG सिलेंडर भी महंगा किया।
पिछले 1 महीने में छोटू LPG सिलेंडर ₹272 महंगा कर दिया गया है।
🔺 1 जून: ₹11
🔺 1 मई: ₹261
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टोटल: ₹272
पहले 'महंगाई मैन' ने जनता को छोटू सिलेंडर खरीदने को कहा, फिर वसूली चालू कर दी।
सबका साथ सबका विकास और सबके साथ विश्वास घात
31/05/2026
📍देश में हर दिन बढ़ती महंगाई आम जनता की कमर तोड़ रही है।
रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग का जीवन कठिन होता जा रहा है।
सरकार की विफल आर्थिक नीतियों का बोझ आज देश की जनता उठा रही है।
जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही से बचने के बजाय सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
जनता पूछ रही है —
महंगाई कब रुकेगी?
राहत कब मिलेगी?
जवाब कौन देगा?
31/05/2026
📍बिहार वासियों के लिए “अच्छी ख़बर” 😏
अब सरकारी बस के साथ-साथ प्राइवेट बस का किराया भी बढ़ेगा, ताकि महंगाई का सफर सबके लिए बराबरी से महंगा हो सके! 🚍💸
1 जून 2026 से #बिहार में बस किराए में 10% से 15% तक की बढ़ोतरी लागू की गई है।
सरकारी बस महंगी हुई तो प्राइवेट बस वाले भी पीछे क्यों रहें?
आखिर महंगाई में सबको साथ लेकर चलना ही तो “विकास” कहलाता है! 😄🚍
30/05/2026
Warm wishes to the vibrant people of Goa on the joyous occasion of Goa Statehood Day!
May Goa continue to shine as a symbol of unity, cultural richness, and progress.
Wishing peace, prosperity, happiness, and dignity to every Goan, and continued growth and development for the state.
Happy !
28/05/2026
आप सभी देशवासियों को प्रेम-मोहब्बत, मेल-मिलाप और भाईचारे के त्योहार ईद उल-अज़हा की आप सभी को बहुत-बहुत मुबारकबाद।
🌙✨
ये त्योहार आप सबके जीवन में ढेर सारी खुशियां लाए।
सभी के लिए सुख, समृद्धि और शांति की कामना करता हूं।
27/05/2026
जनता सिर्फ सस्ता तेल नहीं, बल्कि ईमानदार जवाब और भरोसेमंद व्यवस्था चाहती है।
जब तक तेल की कीमतों का पूरा गणित पारदर्शी नहीं होगा, तब तक यह “तेल का खेल” सवालों के घेरे में ही रहेगा।
तेल के दाम के खेल में कई तरह के घालमेल: कैसे जगे लोगों का भरोसा 👇
भारत में -डीजल की कीमतें को लेकर हमेशा से विवाद के साथ ये लगता रहा है कि कहीं कुछ झोल है.
हाल में पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद सरकारी तेल कंपनियों को रोज़ाना करीब 600 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है.
पहले ये नुकसान था रोज़ाना करीब 1,000 करोड़ रुपये. असल में, जंग और बंद होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में 50% उछाल आया.
वैसे 2025-26 में , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल 'शुद्ध लाभ' में 130% की बड़ी बढ़त हुई.
यानी 2024-25 के ₹33,601.5 करोड़ रुपये के मुकाबले इन सरकारी कंपनियों ने 2025-26 में 77,280 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमाया.
और सबसे ख़ास बात, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इन कंपनियों का फायदा 19,470 करोड़ रुपये रहा, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 40% से ज्यादा है.
ऐसे में सवाल है कि जब कंपनियां इतना मुनाफा कमा रही हैं, तो महंगाई का बोझ जनता पर ही क्यों डाला जाना चाहिए,l
पेट्रोल की कीमत में सिर्फ कच्चे तेल की लागत नहीं होती बल्कि इसमें डॉलर-रुपया exchange rate, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, डीलर कमीशन और टैक्स भी शामिल होते हैं.
कई बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का हिस्सा आधे से भी ज्यादा होता है.
भारत में टैक्स का बोझ कई देशों की तुलना में ज्यादा माना जाता है.
यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने पर भी जनता को राहत नहीं मिलती.
चुनावों के दौरान तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने से रोका जाता है और चुनाव खत्म होने के बाद दाम बढ़ाए जाते हैं.
इससे ये साफ होता है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरी तरह से बाजार के दाम के हिसाब से नहीं चलती हैं.
जबकि बार-बार ये मांग उठती रही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकार और कंपनियों की मनमानी से नहीं, बल्कि एक साफ़, पारदर्शी और नियम-आधारित व्यवस्था के तहत तय हों. ऐसा फार्मूला हो जिसमें कच्चे तेल की कीमत बढ़ने या घटने का असर सीधे दिखाई दे और टैक्स की जानकारी भी सार्वजनिक हो. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता का भरोसा मजबूत होगा.
जब लोगों को साफ़-साफ़ समझ में आएगा कि वो किस चीज़ के लिए क्यों और कितना पैसा दे रहे हैं, तभी इस 'तेल के खेल' में सबका विश्वास कायम होगा.
क्या है आपकी राय!!
27/05/2026
स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के निर्माता, देश की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाले, भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन।🌸🙏🏻
23/05/2026
सावधान, ध्यान दें ⚠️
भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है।
कई शहरों में तापमान 48°C के पार पहुंच चुका है।
दोपहर के समय सड़कें सूनी हैं, लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और कई राज्यों में स्कूल तक बंद करने पड़े हैं।
ओडिशा का बोलनगीर, #बिहार का #सासाराम, उत्तर प्रदेश का वाराणसी, साथ ही मुजफ्फरनगर, अयोध्या, पटियाला, हरिद्वार, ग्वालियर, धनबाद, चंडीगढ़, आगरा, भरतपुर और सिंगरौली जैसे शहर 45-48°C की भीषण गर्मी झेल रहे हैं।
👉 IMD ने 22 से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत में भीषण लू की चेतावनी दी है।
कई जगहों से जल संकट की खबरें भी सामने आ रही हैं।
लेकिन सवाल सिर्फ मौसम का नहीं है।
दशकों से पर्यावरणविद, वैज्ञानिक, पत्रकार और जलस्रोतों का अध्ययन करने वाले लोग चेतावनी देते रहे कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, पहाड़ों का दोहन, जंगलों का विनाश, नदियों और झीलों पर अतिक्रमण और अनियोजित विकास एक दिन गंभीर संकट पैदा करेगा।
तब इन चेतावनियों को “हवाई बातें”, “विकास विरोधी सोच” और “बकवास” कहकर नजरअंदाज किया गया।
आज वही संकट हमारे सामने खड़ा है।
प्रकृति का संतुलन बिगड़ने का असर अब साफ दिखाई दे रहा है — बढ़ती गर्मी, जल संकट, बादल फटना, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और असामान्य मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
इसका असर सिर्फ पर्यावरण पर नहीं, बल्कि खेती, रोजगार, स्वास्थ्य और आम जीवन पर भी पड़ रहा है।
👉 सवाल यह है कि क्या पर्यावरण कभी गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनेगा?
क्या विकास का मतलब सिर्फ कंक्रीट और खुदाई रह जाएगा?
या हम ऐसा विकास चुनेंगे जिसमें इंसान और प्रकृति दोनों सुरक्षित रहें?
ज़रूरी सावधानियाँ:
• दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचें
• पर्याप्त पानी और ORS लेते रहें
• बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
• पशु-पक्षियों के लिए पानी रखें
• अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और जल संरक्षण करें
अब भी समय है।
प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना ही भविष्य को सुरक्षित रखने का एकमात्र रास्ता है।
21/05/2026
आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा, पूर्व प्रधानमंत्री एवं “भारत रत्न” स्वर्गीय राजीव गांधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन।
राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को भारत हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करेगा।
18/05/2026
18 मई 1974 — भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिन 🇮🇳
पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने ‘स्माइलिंग बुद्धा’ के सफल परमाणु परीक्षण के साथ विश्व मंच पर अपनी ताकत, आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक क्षमता का दमदार परिचय दिया।
यह केवल एक परीक्षण नहीं था, बल्कि भारत की प्रतिभा, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय संकल्प की ऐतिहासिक घोषणा थी।
इस उपलब्धि ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा, सम्मान और भविष्य के लिए हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
यह गौरवपूर्ण क्षण हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत, नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक है।
🇮🇳 आयरन लेडी इंदिरा गांधी जी और हमारे वैज्ञानिकों को नमन।🙏🏻
#पोखरन