30/01/2026
अपने अपने हक के लिए अपने-अपने जमीर के लिए अपने आप के लिए सही संकल्प सही दृष्टिकोण अपनाने का समय आ चुका है अब समय बचा नहीं बस सामने है अपना अपना दृष्टिकोण एवं अपना-अपना मोनोपोली एवं अपना अपना विचारधारा अब लोगों के पास रखने की जरूरत आ चुका है मजबूती के साथ रखें इसी में ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत राज बेलम्बा वाशियो एवं युवाओं का एक उचित निर्णय एवं निर्वहन होगा
Manisha Kumari #मनीषाकुमारी
11/12/2025
राम के वंशज हैं हम, जातियों में क्यों उलझे हैं? 🏹
मंदिर तो बन गया, अब राष्ट्र का निर्माण करना है। और वो तभी संभव है जब हम 'जातिवाद' के जहर को त्यागकर 'हिन्दू एकता' का अमृत पिएंगे।
एक ही नारा, एक ही नाम... जय श्री राम!
27/10/2025
*एक ऐसा त्यौहार जो चार दिन चलता है, कोई दंगा नहीं होता, इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता, किसी शांति समिति की बैठक कराने की जरुरत नहीं पड़ती, चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं होती और जबरन उगाही भी नहीं ! शराब की दुकाने बंद रखने का नोटिस नहीं चिपकना पड़ता, मिठाई के नाम पर मिलावट नहीं परोसी जाती है! उंच - नीच का भेद नहीं होता, व्यक्ति-धर्म विशेष के जयकारे नहीं लगते, किसी से अनुदान और अनुकम्पा की अपेक्षा नहीं रहती है, राजा रंक एक कतार में खड़े होते है, समझ से परे रहने वाले मंत्रो का उच्चारण नहीं होता और दान दक्षिणा का रिवाज नहीं है ।*
*एक ऐसी पूजा जिसमें कोई* *पुजारी नहीं होता,*
*जिसमें देवता प्रत्यक्ष हैं*
*जिसमें ढूबते सूर्य को भी पूजते हैं,*
*जिसमें व्रती जाति समुदाय से परे है,*
*जिसमें केवल लोक गीत गाते हैं,*
*जिसमें पकवान घर पर बनते हैं*,
*जिसमें घाटों पर कोई ऊँच नीच नहीं है,*
*जिसमें प्रसाद अमीर गरीब सभी श्रद्धा से ग्रहण करते हैं।*
*जिसमे प्रकृति संरक्षण का बोध होता है*
*जिसमे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलती हो*
*ऐसे सामाजिक सौहार्द, सद्भाव, शांति, समृद्धि और सादगी के महापर्व छठ की शुभकामनाएं ।
🙏🙏🙏🙏🙏
जय छठी मैया
26/10/2025
सपना सजाने में क्या जाता है जब तक ख्वाब नहीं होगा तब तक मुकाब नहीं होगा राजनीति के वारे में हमारे परिवार और कुछ दोस्त यार कुछ है अपने जो कि बोलता है बहुत खराब है बट लोगों का दृष्टिकोण होना चाहिए देखने के लिए करने के लिए हमें आज तक राजनीतिक खराब नहीं लगा है हमारा दृष्टिकोण राजनीति के प्रति उच्य है समाज को कुछ देने का अगर ठाने हैं सोचे हैं तो बिना राजनीतिक किए आप पूरा नहीं कर सकते हैं और हम अपने आप को जहां तक अभी तक जानते हैं आज तक चाहे वह कोई भी हो हमें देना सिखाया है और हम दिए हैं ।
पता नहीं छोटा योगदान देते देते अब वड़ा देने का मन कर रहा है समाज के प्रति आज तक जितना भी योगदान रहा वह निजी योगदान था लेकिन अब जितना भी योगदान रहेगा और समाज के प्रति रहेगा और हमें आशा है और अपने आप के ऊपर उम्मीद है लोगों का एक दिन मेरे पति जनसंपर्क से जनसेलाव होगा और आने वाले दिनों में अपने पंचायत में हम अभी नहीं कहना चाहते हैं लेकिन कहने पर मजबूर हो रहे हैं कि विकास ही विकास होगा यह हम नहीं हमारा काम बोलेगा ।।
आज इससे बड़ा शुभ मुहूर्त हमारे लिए नहीं हो सकता था आज से हम अपने तन और मन से और अपने जतन से अपने आप का साक्षी मान करके आप सबों के बीच आ रहे हैं एक छोटा भाई के रूप में बेटे के रूप में आप सभो का एक छोटे से सहयोगी के रूप में जहां तक हमारा चल बन सकेगा आपके लिए तात्पर्य अतः खड़े उतरेंगे जर से भ्रष्टाचार को कम करना है या तो फिर खत्म करना है ।।।
ग्राम पंचायत राज बेलम्बा की सभी साथी गण एवं भाई बांधुयो एवं गार्जियन स्वरूप चचाओं से आग्रह है अगर हमसे अच्छा कैंडिडेट आपको कोई और लगे और योग्य हो तो उन्हें निशदेह सपोर्ट करें हमें तनिक ईतराज नहीं होगा बट हमारा मकसद डेवलप है अपना पंचायत डेवलप आत्मनिर्भर अपना पंचायत आत्मनिर्भर कैसे बने ग्राम पंचायत के सभी साथियों को ढेर सारी शुभकामनाएं हार्दिक अभिनंदन 🌹
07/10/2025
कथा सुनने के कई फायदे हैं, जैसे आत्म-ज्ञान, आध्यात्मिक प्रगति, नैतिक शिक्षा, सांस्कृतिक जुड़ाव, तनाव मुक्ति, और जीवन में सकारात्मकता का संचार। कथाएं हमें अच्छे-बुरे का भेद सिखाती हैं, पापों से मुक्ति दिलाती हैं, और मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक मानी जाती हैं।
आत्मिक और आध्यात्मिक लाभ:
आत्म-ज्ञान और विकास: कथाएं हमें जीवन के उद्देश्यों और मूल्यों को समझने में मदद करती हैं, जिससे आत्म-विकास होता है।
मोक्ष की प्राप्ति: भगवद् कथा को मोक्ष का ग्रंथ माना जाता है, जो आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान: इससे धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है, जिससे जीवन को सही दिशा मिलती है।
जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट: कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैं और आध्यात्मिक विकास होता है।
मानसिक और भावनात्मक लाभ:
मानसिक शांति: कथा सुनने से मन और मस्तिष्क में शुद्धता और निर्मलता आती है, तनाव दूर होता है।
सकारात्मकता का संचार: जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता और उत्साह का संचार होता है।
नकारात्मकता दूर: घर में कथा कराने से नकारात्मकता दूर होती है और घर का वातावरण शुद्ध होता है।
नैतिक और सामाजिक लाभ:
नैतिक शिक्षा: कथाओं से नैतिक शिक्षा मिलती है, जिससे सही और गलत का भेद समझने में मदद मिलती है।
सांस्कृतिक विरासत: यह हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर देती है।
शारीरिक और लौकिक लाभ:
रोग-शोक से मुक्ति: कथा सुनने से रोग और शोक दूर होते हैं।
सुख-समृद्धि में वृद्धि: धार्मिक कथाओं को सुनने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
मनोकामनाएं पूर्ण: कल्पवृक्ष के समान, कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।