Akhand Vishw Unnati Sewa Sang

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अनाथ बच्चों की शिक्षा, घायल गायों का इलाज और मंदिरों की देखरेख के लिए

27/05/2026
15/05/2026

महिला आरक्षण बिल पर सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह जी को सुनिए
Rreena N Singh

22/04/2026

शंकराचार्यरूपी चारों स्तम्भों के मध्य गोरक्षनाथ परंपरा के सूर्य का अखंड तेज
एडवोकेट रीना एन सिंह जी का लेख।

14/04/2026

लव जिहाद समेत कई तमाम आपराधिक मामलों की चर्चित सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने कहा कि लव जिहाद को सरकार को सिलेबस में शामिल करना चाहिए ताकि बच्चियों को जागरूक किया जा सके।

04/04/2026

एक लेखिका के रूप में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह जी नें इस विषय पर सबसे अधिक लेख लिखे हैं। उनके शोध और लेखन के आधार पर देश भर में कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित होते हैं, जिनमें विद्वान, समाजसेवी और धर्मगुरु हिस्सा लेकर गोरखनाथ परंपरा और राम जन्मभूमि आंदोलन की महत्ता पर चर्चा करते हैं। यह आंदोलन केवल अयोध्या तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवेद्यनाथ और योगी आदित्यनाथ का योगदान इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है, MYogiAdityanath Gorakhnath Mandir #राम #सामाजिकसमरसता

04/04/2026

हिंदुत्व व सनातन के लिए अदालतो में पक्ष रखने वाली
सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना.एन.सिंह जी जो "योगी आदित्यनाथ लोक कल्याण के पथ पर" नामक पुस्तक की लेखिका,टीवी पैनलिस्ट व राजनीतिक मामलों की जानकार तथा इंग्लैंड व वेल्स में सालीसिटर व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष हैँ !!

01/04/2026

मां के बलात्कार की रात आरोपियों ने किया था बेटी का अपहरण, पांच साल तक रखा बंधक

आरोपी ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर लिया था बेटी से विवाह व तमाम अनैतिक कार्य भी कराया

आरोपियों पर मथुरा और फिरोजाबाद में दर्ज हुए संगीन धाराओं में मुकदमे

साल भर में 2018 में हुआ एक बच्ची का जन्म

भरण पोषण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चालीस हजार मासिक की राशि तय की

न देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा मिली जमानत होगी रद्द

पीड़िता की ओर से एडवोकेट रीना एन सिंह ने की बहस
Reena N Singh Fan club

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत एवं जायमाल्या बागची की पीठ ने एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। मामला यह है कि एक 50 वर्षीय महिला का अक्टूबर 2017 में उत्तर प्रदेश के मथुरा में सामूहिक बलात्कार किया जाता है और उसी रात उसकी 19 वर्षीय बेटी को अगवा कर लिया जाता है और उसको अक्टूबर 2023 तक आरोपियों के द्वारा बंधक बनाए रखा जाता है। मां से बलात्कार के मामले में आरोपियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत मिल जाती है
इसी बीच फर्जी प्रपत्रों को तैयार करके बेटी अर्थात पीड़िता साथ विवाह के फर्जी कागज तैयार किए जाते हैं इस दौरान उसके साथ मारपीट, बलात्कार और तमाम सारे अपराध किये जाते है इसी बीच 2018 में अगवा की गई बेटी/ पीड़िता से एक पुत्री का जन्म होता है। जिसकी उम्र इस समय 6 वर्ष है आरोपियों को उच्च न्यायालय द्वारा जमानत मिल चुकी है डिवीजन बेंच ने अपीलकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट रीना एन के तथ्यों व तर्कों सुनते हुए आरोपी को यह आदेश दिया है कि वह नाबालिक बच्चे जिसकी उम्र वर्तमान में 6 वर्ष है उसके भरण पोषण के लिए प्रत्येक माह की 10 तारीख को चालीस हजार रुपए पीड़िता के खाते में भेज देगा अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10 तारीख तक खाते में पैसा नहीं भेजने पर या बच्चे की कस्टडी जो उसकी मां/ पीड़िता के पास है उसमें हस्तक्षेप करने पर या पीड़िता के परिवार से किसी तरह का विवाद करने पर जमानत का दुरुपयोग माना जाएगा और इस आधार पर उच्च न्यायालय जमानत खारिज कर सकता है।
इसके अलावा न्यायालय ने फिरोजाबाद के पुलिस स्टेशन नारखी के थाना प्रभारी को आरोपियों की निगरानी करने का भी आदेश दिया है।
Rreena N Singh

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