14/11/2024
सलाह
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रास्ता कैसा है तुम इसका पता तक भी न दो।
अपनी मंज़िल के किसी को नक़्श-ए-पा तक भी न दो।।
दौर बदला है तो अब तुम भी बदल जाओ मुराद।
गर न मांगे तो किसी को मशवरा तक भी न दो।।
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आपका जां - निसार
मुराद अहमद मुराद
11/11/2024
लहजा खो दिया तूने
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पता भी है ज़रा सी बात पे क्या खो दिया तूने।
ज़ुबां को नाज़ था जिस पर वो लहजा खो दिया तूने।।
निगाह-ओ-दिल ही क्या ये जान भी क़ुर्बान थी जिसपे।
वफ़ादारी को वो बेबाक जज़्बा खो दिया तूने।।
10/11/2024
जान से प्यारा तू है
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चाहे जैसा भी हो सौ जां से गवारा तू है।
जिसपे हम मरते हैं वो यार हमारा तू है।।
दिल में जो मेरे मुहब्बत है तेरी उसकी क़सम।
जान प्यारी है मगर जान से प्यारा तू है।।
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आपका जां - निसार
मुराद अहमद मुराद
09/11/2024
सौ जां से हम क़ुर्बान हैं
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देख कर रंग-ए-ख़िज़ां अहल-ए-चमन हैरान हैं।
बुलबुलों के घोंसले अब बाग़ में वीरान हैं।।
धर्म-ओ-मज़हब के नशे में ऐ बशर ये भूल मत।
बाद में हिन्दू ,मुसलमां पहले हम इन्सान हैं।।
लें न हम जन्नत जो तेरी ख़ाक के बदले मिले।
तुझपे ऐ प्यारे वतन सौ जां से हम क़ुर्बान हैं।।
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शायर - मुराद अहमद मुराद
07/07/2024
आइना:
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ये जो इंसानियत का नाता है।
वक़्त को आइना: दिखाता है।।
जो किताबों से भी नहीं मिलता।
वो सबक़ हमको ये सिखाता है।।
07/07/2024
तेरी तस्वीर के साथ
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तुझको जोड़ा है ख़ुदा ने मेरी तक़दीर के साथ।
मैं नज़र आऊं न आऊं तेरी तस्वीर के साथ।।
07/07/2024
कशिश
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गुज़रे मौसम की तड़प अब भी मेरी प्यास में है।
आपके प्यार की ख़ुश्बू मेरे एहसास में है।।