31/12/2025
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8.10 करोड़ की ठगी, टूट गया भरोसा… पूर्व IPS ने खुद को गोली मार ली
पंजाब से आई यह खबर सिर्फ एक समाचार नहीं, बल्कि साइबर अपराध की सबसे भयावह सच्चाई है।
फर्जी निवेश स्कीम के जाल में फँसकर एक पूर्व IPS अधिकारी से करीब 8.10 करोड़ रुपये की ठगी हो गई।
दोस्तों और परिजनों से उधार लेकर दिए गए पैसे, टूटता आत्मविश्वास और लगातार मानसिक दबाव…
आख़िरकार यह दर्द इतना बढ़ गया कि उन्होंने खुद को गोली मार ली।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि
❗ साइबर अपराध पद, रैंक या अनुभव नहीं देखता
❗ ठगी सिर्फ पैसे नहीं, जिंदगी और सम्मान भी छीन लेती है
❗ साइबर एक्सपर्ट जय प्रकाश सिंह की चेतावनी और बचाव के उपाय
मैंने अपने अनुभव में देखा है कि ऐसे मामलों में सबसे बड़ी गलती होती है —
लालच + जल्दबाज़ी + बिना जाँच के भरोसा
🔐 आप कैसे बच सकते हैं:
✅ किसी भी निवेश स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी SEBI / सरकारी वैधता जरूर जांचें
✅ “गारंटी रिटर्न”, “डबल पैसा”, “सीक्रेट स्कीम” जैसे शब्द = सीधा खतरा
✅ WhatsApp / Telegram / सोशल मीडिया पर आए निवेश ऑफर से दूरी रखें
✅ ठगी का शक होते ही छुपाएं नहीं, तुरंत शिकायत करें
✅ मानसिक दबाव में अकेले न रहें — परिवार और पुलिस से बात करें
याद रखें:
💔 पैसा वापस आ सकता है,
लेकिन एक ज़िंदगी कभी वापस नहीं आती।
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शायद आपकी एक शेयर किसी की जान बचा ले।
साइबर एक्सपर्ट | साइबर अपराध जागरूकता
प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले तरुण कुमार को क्या पता था कि चंद रुपयों का लालच उसे ₹10 लाख से ज्यादा का 'डिजिटल झटका देगा। युवक को रेटिंग के नाम पर उसे टेलीग्राम के जाल में फंसाकर उसकी गाढ़ी कमाई लूट ली गई। 19 अप्रैल को तरुण के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज में लिखा था किसी होटल को फाइव स्टार रेटिंग दो और पाओ ₹120! तरुण भी क्या करता, लालच बुरी बला! उसने तुरंत रेटिंग दे दी। फिर उसी नंबर से आया एक और संदेश टेलीग्राम ग्रुप का। कहा गया इसे जॉइन करो और अपनी यूपीआई आईडी दो। वह नए-नए लालच में फंसता चला गया। उसने ग्रुप जॉइन किया और कोड भी शेयर कर दिया। और देखो 'डिजिटल चमत्कार 10 मिनट में उसके खाते में ₹120 आ गए। ठगों ने तरुण को अलग-अलग खातों में पैसे भेजने का टास्क दिया। 19 अप्रैल को उसने 2000, 5000 और 2200 रुपए बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन, 20 अप्रैल को ₹5000 और भेजे। इसके बाद उसने एक के बाद एक कई ट्रांजेक्शन किए 25,800, 75,000, 1,58,000, 2,18,000 फिर 90,000 रुपए भेजे। उसके बाद 1,20,000, 1,00,000, 1,03,636 रुपए और आखिर में एक और 1,00,000 रुपए भेज। इस तरह तरुण पूरे ₹10,94,636 की ऑनलाइन लूट' का शिकार हो गया। जब तरुण को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी 'डिजिटल लूट' की शिकायत दर्ज कराई। अब उसने पुलिस को भी लिखित शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है और मांग की है कि इन अज्ञात डिजिटल ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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