14/04/2026
बाबासाहेब डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के जन्मदिवस पर आइसा द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन से विधि संकाय में स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक समता अधिकार मार्च निकाला गया।
The voice of radical student movement
14/04/2026
बाबासाहेब डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के जन्मदिवस पर आइसा द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन से विधि संकाय में स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक समता अधिकार मार्च निकाला गया।
02/04/2026
ट्रांस कानून के खिलाफ आइसा ने दर्ज किया प्रतिवाद, वापस लेने की मांग की।
समता की मांग करते हुए यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज़ पर लागू करने की मांग की।
इलाहाबाद | ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) की तरफ से ट्रांस कानून के खिलाफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ गेट पर प्रतिवाद दर्ज कर वापस लेने की मांग की गई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में बढ़ते जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न को दूर करने के लिए यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज़ पर लागू करने की मांग की गई। छात्रसंघ गेट पर प्रतिवाद दर्ज करते हुए सभा की गई। सभा में 2 अप्रैल 2018 को एससी/एसटी एक्ट को लागू करने के लिए हुए आंदोलन के दौरान शहीद हुए नौजवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
सभा में बात अपनी बात रखते हुए पीयूसीएल उत्तर प्रदेश के महासचिव चित्तजीत ने कहा कि ट्रांसजेंडर एक्ट 2026 की मंशा सिर्फ ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को छीनने की है। ट्रांसजेंडर होने को जैविकता से जोड़ना कतई मंज़ूर नहीं है। इसमें ट्रांसजेंडर होने की परिभाषा को और सीमित किया गया है। ट्रांसपुरुष, नॉन बाइनरी इत्यादि लोगों को अलग करके रखा गया है। बिल में जिस तरीके की हल्की भाषा का उपयोग किया गया है उससे उसके दुरुपयोग होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर कोई व्यक्ति किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति की मदद करता है तो उसे बहलाने के जुर्म में जेल तक हो सकती है।
आइसा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में जातिगत भेदभाव खत्म करने की बजाय मौजूदा सरकार उसे बढ़ावा देने के पक्ष में खड़ी हैं इसीलिए सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने के पक्ष में दलील नहीं पेश की। जिसके कारण रोक लगा दी गई है। इसके अलावा ट्रांस कानून लाकर यह सरकार जेंडर माइनॉरिटी के अधिकारों को खत्म करना चाहती है। देश की पूरी विदेश नीति को ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है। इसके खिलाफ देश भर में नौजवान एकजुट हो रहे हैं।
आइसा इलाहाबाद अध्यक्ष सोनाली ने कहा कि यह सरकार वंचित समुदाय के लोगों को कोई संरक्षण नहीं दे रही है जो बचा हुआ अधिकार है उसे भी छीन ले रही है। जो न सिर्फ संविधान पर हमला है बल्कि देश की संप्रभुता को भी खत्म करने का प्रयास है। इसीलिए आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र–नौजवान सड़कों पर इकट्ठा होकर आंदोलन कर रहे हैं और एक समता मूलक समाज के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
इसके साथ–साथ आइसा इलाहाबाद उपाध्यक्ष सुजीत, ट्रांस समुदाय के सदस्य विमल और संगम ने अपनी बात रखते हुए ट्रांस एक्ट का विरोध किया। इसे रद्द करने की मांग की और रोहित एक्ट को लागू करने की मांग की।
31/03/2026
कॉमरेड चन्द्रशेखर ‘चंदू’ और कॉमरेड श्याम नारायण की शहादत को आइसा इलाहाबाद कार्यालय पर याद किया गया। कॉमरेड चंदू से जुड़ी हुई डॉक्यूमेंट्री ‘एक मिनट का मौन’ की स्क्रीनिंग हुई।
स्क्रीनिंग के बाद चंदू, भगत सिंह, अंबेडकर के नज़रिए से बात करते हुए देश में लगातार हो रहे फासीवादी और सांप्रदायिक हमलों पर बात हुई। इन फासीवादी ताकतों के विरुद्ध जनवाद पसंद लोगों को संगठित होने की अपील की गई।
कॉमरेड श्याम नारायण और कॉमरेड चंदू की याद में एक मिनट का मौन रखते हुए बातचीत पूरी की गई।
13/02/2026
यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज पर लागू करने के लिए किया देशव्यापी आह्वाहन के तहत इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन से लेकर बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमान लॉ फैकल्टी तक मार्च निकालकर प्रतिवाद दर्ज किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ते जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज पर लागू किए जाने तक लड़ाई जारी रहेगी। इंकलाब जिंदाबाद।
#फ़ोरमफॉरइक्विटी
#इलाहाबाद
अत्याचार और भेदभाव किसी का विशेषाधिकार नहीं
अखिल भारतीय प्रतिवाद
*रोहित वेमूला एक्ट के आधार पर UGC गाइडलाइन लागू करो!
कल , दिन में 12:30 बजे
छात्र संघ भवन से DM कार्यालय
26/01/2026
आइसा कार्यालय पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडारोहण के उपरांत भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया गया।
इस अवसर पर भारतीय संविधान पर बढ़ते फासीवादी व मनुवादी हमलों के ख़िलाफ़ छात्र समुदाय की व्यापक एकता और गोलबंदी का आव्हान किया गया।
#आइसा
17/12/2025
आइसा व समाजवादी छात्र सभा के साथियों ने पीएचडी एडमिशन के लिए हो रहे साक्षात्कार में यूजीसी द्वारा निर्धारित मानक नेट परीक्षा में ओन्ली पीएचडी पास अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का मौका देने के लिए तथा सभी विभागों में समान पीएचडी साक्षात्कार प्रक्रिया को अपनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष ज्ञापन सौंपा। इसमें आइसा से मानवेंद्र, सुजीत,शिव और प्रिंस समेत सुधीर,अमित, आशुतोष इत्यादि शामिल रहें।
#इलाहाबादविश्वविद्यालय
17/12/2025
आइसा और समाजवादी छात्रसभा के प्रतिनिधिमंडल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को विभिन्न विभागों में हो रहे शोध साक्षात्कार में यूजीसी द्वारा निर्धारित मानक ओन्ली पीएचडी को लागू करने के लिए ज्ञापन दिया। विश्वविद्यालय के कई विभागों में कट ऑफ जारी करके ओनली पीएचडी के यूजीसी के मानक का पालन नहीं किया जा रहा है जिसके कारण से बहुत से अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने का मौका नहीं मिल पा रहा है जो कि यूजीसी के गाइडलाइन का उल्लंघन है। दिल्ली विश्वविद्यालय समिति कई विश्वविद्यालय में यूजीसी के इन मानकों का पालन करते हुए ओन्ली एचडी में क्वालीफाई अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए मौका दिया जाता है तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इस नियम को क्यों नहीं लागू किया जा रहा है?. इसके साथ ही पीएचडी साक्षात्कार के लिए अलग-अलग विभागों में अलग-अलग तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है इसमें एकरूपता लाने के लिए भी ज्ञापन में मांग की गई। इस दौरान आइसा के मानवेंद्र,सुजीत,शिव तथा प्रिंस समेत सुधीर, अमित,आशुतोष इत्यादि शामिल रहे।
#पीएचडी
#आइसा
#इलाहाबादविश्वविद्यालय
Reclaim The Night
Reclaim The Right
बेख़ौफ़ आज़ादी के लिए
महिला उत्पीड़न के ख़िलाफ़
- AISA Allahabad University
17/12/2025
आइसा इलाहाबाद द्वारा विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास से बालसन चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा तक मार्च निकाला गया। देश में लगातार बढ़ती यौन हिंसा पर रोक लगाने तथा शैक्षणिक संस्थानों में GSCASH बहाल करने की मांग की गईं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में लड़कियों पर लगी पाबंदियों को हटाने के लिए आवाज उठाई गई।
#आइसा
#इलाहाबाद