ईश्वर की असीम कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद और अपनों के प्रेम से अपने सपनों के आशियाने में आज फिर कदम रखा।
इस नए घर की हर दीवार में सुख, शांति, समृद्धि और प्रेम सदैव बना रहे।
🏡✨🙏
Vijay Pandey
Vijay Pandey
Advocate,
Social Work
जितना संघर्ष, उतना ही मुस्कुराने की ज़िद...
जितने गम, उतना ही खिलखिलाने की ज़िद...
हां, ज़िद्दी हूं मैं और ज़िंदा भी...
27/04/2026
यह केवल "गर्मी" नहीं है, बल्कि उस पारिस्थितिकी दिवालिएपन (Ecological Bankruptcy) का परिणाम है, जिसका ब्लूप्रिंट पिछले एक दशक में तैयार किया गया है। जब दुनिया की 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में 95 नाम भारत के हों, तो यह जलवायु परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक और कॉर्पोरेट मिलीभगत से पैदा की गई एक आपदा है।
तपता भारत: 'कंक्रीट का विकास' या 'जीवंतता का विनाश'?
जब विकास की परिभाषा केवल 'पेड़ काटकर हाईवे बनाना' और 'जंगल उजाड़कर खदानें खोलना' रह जाए, तो नतीजे वही होते हैं जो आज हम भुगत रहे हैं। भारत आज एक "हीट चैंबर" बन चुका है, और इसकी जवाबदेही किसी 'अदृश्य मौसम' पर नहीं, बल्कि उन 'दृश्य निर्णयों' पर है जो सत्ता के गलियारों में लिए गए।
1. अरावली से हसदेव तक: "प्रॉफिट" के लिए "फेफड़ों" की बलि
जब लोग 'सेव अरावली', 'सेव आरे' या 'सेव हसदेव' के लिए सड़कों पर उतरे, तो उन्हें विकास विरोधी बताकर चुप करा दिया गया।
हसदेव का सच: छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में हज़ारों पेड़ों की कटाई केवल इसलिए की गई ताकि विशिष्ट बिजनेस घरानों के कोयला ब्लॉकों का रास्ता साफ हो सके। यह "देश की ज़रूरत" नहीं, बल्कि "कॉर्पोरेट की तिजोरी" भरने का खेल था।
अरावली का विनाश:दिल्ली-एनसीआर का प्राकृतिक बफर 'अरावली' आज अवैध खनन और अनियंत्रित निर्माण की भेंट चढ़ चुका है। नतीजा? झुलसा देने वाली लू और ज़हरीली हवा।
2. 'विश्वगुरु' का मॉडल: पर्यावरण संरक्षण कानूनों का कमज़ोर होना
पिछले कुछ वर्षों में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के नाम पर पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) के नियमों को जिस तरह से शिथिल किया गया, वह आत्मघाती है।
जवाबदेही: जब CAG 54,282 करोड़ के बेहिसाब खर्च पर सवाल उठाता है, तो हमें यह भी पूछना चाहिए कि पर्यावरण के नाम पर वसूले गए 'ग्रीन सेस' का क्या हुआ?
पॉलिसी विफलता: नीति-निर्माता चीन की तरह 'रियल रिसोर्सेज' (तेल रिज़र्व, फॉरेस्ट कवर) को सुरक्षित करने के बजाय रेटिंग एजेंसियों और बिल्डिंग लॉबी को खुश करने में लगे हैं।
3. 'ईएमआई' पर टिका घर और झुलसता शहर
मजदूरों की दिहाड़ी 2017 से फ्रीज है, घर की बचत खत्म हो रही है और मध्यम वर्ग कर्ज (EMI) के बोझ तले दबा है। ऐसे में एक व्यक्ति के लिए 'क्लाइमेट चेंज' एक विलासिता का मुद्दा बन जाता है, क्योंकि उसकी पूरी ऊर्जा केवल जिंदा रहने के संघर्ष में खर्च हो रही है। सत्ता इसी लाचारी का फायदा उठाती है और धार्मिक उन्माद व झूठी रैलियों के पीछे असली मुद्दों को दफन कर देती है।
यह राजनीतिक मुद्दा क्यों नहीं है?
यह मुद्दा राजनीतिक इसलिए नहीं बनता क्योंकि:
1. कॉर्पोरेट फंडिंग: जंगल काटने वाली कंपनियां ही राजनीतिक दलों की सबसे बड़ी चंदादाता (Political Funding) हैं।
2. इमोशनल नैरेटिव: जब तक जनता को 'धार्मिक गौरव' और 'वीवीआईपी काफिलों' की चकाचौंध में उलझाया जा सकता है, तब तक उसे 'साँस लेने लायक हवा' की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी।
मसूरी के मलबे से लेकर झारखंड के कटते जंगलों तक, कहानी एक ही है—"लूट की खुली छूट"। अगर आज भारत 'नॉन-लिवेबल' (जीने लायक नहीं) बन रहा है, तो इसकी सीधी जवाबदेही उस 'पॉलिसी सर्कल' पर है जिसने पर्यावरण को 'अड़चन' और कॉर्पोरेट मुनाफे को 'विकास' मान लिया है।
क्या अब समय नहीं आ गया कि 'लिविंग वेज' की तरह 'लिवेबल एनवायरनमेंट' को भी एक संवैधानिक अधिकार के रूप में मांगा जाए...??
24/04/2026
आज मेरी पूज्यनीया मां की तृतीय पुण्यतिथि है.
मैं व्यक्तिगत अनुभव किया है की एक मां की ममता व आशीर्वाद जिंदगी जीने के लिए काफी प्रेरणादायी होता है. 25 अप्रैल 2021 को मां *श्रीमती गंगा देवी* का देहावसान हुआ था. मां की यादें एवम उनके द्वारा दिया वचन जो मुझे अपने कर्तव्यों का प्रतिबोध कराते है.
शत शत नमन मां 🙏
#पुण्यतिथि #श्रीमती_गंगादेवी
21/04/2026
Old Pic of mine at Government Law College, Mumbai
15/04/2026
https://youtube.com/shorts/FGbvdSuedFY?si=5NYZT2HQa6OyYUFz
Veda offering Chara to Cow Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
02/04/2026
"यम कुबेर दिगपाल जहाँ ते
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते"
श्री श्री हनुमान जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ !!
31/03/2026
आज श्री मुंबई के सुप्रसिद्ध सिद्धिविनायक जी एव मां मुंबा देवी जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
15/02/2026
शिव ही सत्य हैं, शिव अनंत हैं, शिव अनादि हैं, शिव भगवंत हैं, शिव ओंकार हैं, शिव ब्रह्म हैं, शिव शक्ति हैं, शिव भक्ति हैं।
भगवान शिव और मां पार्वती का दिव्य मिलन हमें प्रेम, तप और अटूट विश्वास का संदेश देता है!
नमः पार्वती पतये, हर हर महादेव 🧘🔱
01/02/2026
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Vijay Pandey Adv. Advocate ।Farmer | ठेठ इलाहाबादी
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