17/05/2026
Thank you Janmaitri Magazine
हे प्रिय! बस थोड़ा पढ़ लेना!
जब पलकें बोझिल हो जायें
अश्रु न जब धीरज रख पायें
मौन मुखर होकर जब बोले
शब्द सभी अवकाश मनायें
मुझे स्मरण तब कर लेना
साथ जिएंगे हम उस पल को।
हे प्रिय! बस थोड़ा पढ़ लेना
मेरे इस अंतस्तल को ॥1॥
09/05/2026
प्रेम के अनुबंध पर मैं गीत लिखना चाहता हूँ...
03/05/2026
ग़ज़ल
'उदय' वो कैद कर ले या मुझे दीवाना कर डाले।
मैं उन नज़रों के जादू और टोने से नहीं डरता।
28/04/2026
श्लोक 64-65 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय(६४-६५)रागद्वेषवियुक्तैस्तु विषयनिन्द्रियैश्चरन्।आत्मवश्यैर्विधेयात्मा प्.....
27/04/2026
श्लोक 62-63 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय (६२-६३)ध्यायतो विषयान्पुंस: संगेस्तेषूपजायते।संगात्संजायते काम: कामाक्रोधोsभ.....
26/04/2026
श्लोक 61 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय(६१)तानि सर्वाधिक संयम्य युक्त आसीत मत्पर:।वशे हि यस्मेन्द्रियाणितस्य प्रज्ञा...
26/04/2026
श्लोक 60 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय(६०)यततो ह्यपि कौन्तेय पुरुषस्य विपश्चित:।इन्द्रियाणि प्रमाथीनि हरन्ति प्रसभं...
24/04/2026
श्लोक 58 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय (५८)यदा संहरते चायं कूर्म: अंगानि इव सर्वश:।इनद्रियाणि इन्द्रियार्थेभ्य: तस्य प....
24/04/2026
श्लोक 57 श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीयोsध्याय (५७)य: सर्वत्रानभिस्नेहस्तत्तत्प्राप्य शुभाशुभम्।नाभिनन्दति न द्वेष्टि तस्य ...