दुर्भाग्य मनुष्य का द्वार तब तक खटखटाता है, जब तक वह उसे खोल न दे, जबकि सौभाग्य एक बार द्वार खट- खटाकर धीरे से चला जाता है।
अतः हमें हर शुभ अवसर के लिए सदा सजग और तैयार रहना चाहिए।
Samarpan (An old age home)
Samarpan in working on the ideology of the great Saint Pt. Sri Ram Sharma Acharya , who has said and The mentor-founder-guide of this movement Pt.
Sri Ram Sharma Acharya , who has said and practiced that "Service to Humanity is Service to God". Samarpan is working amongst the poor, needy and downtrodden, rendering services to the side. Also running primary school to educate the children in several areas and providing vocational training to women for their better lively hood. Over last 60 years, the Global Gayatri Family has been carrying out
गुरु को ईश्वर से भी, भगवान से भी ऊंचा पद दिया गया है; क्योंकि वे पग- पग पर अपने शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं।
शास्त्र कहते हैं जो सद्भागी सिर्फ स्वयं को गुरु के प्रति संपूर्ण समर्पित कर देता है, अपनी इच्छा का परित्याग कर सिर्फ गुरु इच्छा को ही धारण करता है और सर्वदा गुरु के उपदेशानुसार ही जीवन जीता है और सच्ची निष्ठा, श्रद्धा, विश्वास से गुरु सेवा, गुरु कार्य में प्राणपण से जुटा रहता है उसे ज्ञान, कर्म, भक्ति, ध्यान आदि योग के फलस्वरुप ही गुरु कृपा से प्राप्त हो जाते हैं।
समस्त गायत्री परिवार के भाई बहनों को एवं फेसबुक के मित्रों को धनतेरस एवं दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं। सबको सादर प्रणाम। पूज्य गुरुदेव की क्रपा एवं आशीर्वाद मिले ऐसी प्राथना है।
भगवान श्रीराम से बढ़कर इस संसार में कुछ भी नहीं। आप भगवान श्री राम को अपने भीतर समा लीजिए, फिर देखिए कैसे चमत्कार घटित होता है।
भगवान श्रीराम वे हैं जो हमारे हृदय में बस कर सदा कल्याण का पथ प्रशस्त करते हैं। उनकी उपस्थिति में कुछ भी अशुभ नहीं हो सकता, श्रीराम हम सभी की साझी धरोहर हैं।
*🕉️🙏"शुभप्रभात"🙏🕉️*
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*दिनांक-२३-०९-२४ दिन सोमवार*
*आश्विन मास कृष्ण पक्ष षष्ठी २०८१*
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*सुविचार - "यह संसार दर्पण की तरह है, इसमें अपना ही चेहरा हर किसी के चेहरे में झांकता हुआ देख सकते हैं। यहां क्रिया की प्रतिक्रिया होती रहती है। कुएं या गुंबज की तरह प्रतिध्वनि सुनने को मिलती रहती है। हमारा चिंतन एवं व्यवहार यदि यह है कि हमें किसी के लिए त्याग न करना पड़े, दूसरे ही सदा हमारी सेवा-सहायता के लिए दौड़े आएं। दूसरे सदा सद्भावना व्यक्त करते रहें और हम अपनी उपेक्षा-वृत्ति पर ही कायम रहें तो समझना चाहिए कि यह मनोरथ कभी पूरा न हो सकेगा।"*
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*"विचार क्रांति अभियान"*
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*🌹अखिल विश्व गायत्री परिवार🌹*
*किसी के दोष को देख कर उससे घ्रणा न करो और न उसका बुरा चाहो। यदि ऐसा न करौगे तो उसका दोष तो न मालूम कब दूर होगा; पर तुम्हारे अपने अंदर घृणा, क्रोध, द्वेष और हिंसा को अवश्य ही स्थान मिल जाएगा।*
*उसमें तो एक ही दोष था; परंतु तुममें 4 दोष आ जाएंगे । हो सकता है, तुम्हारे और उसके दोषों के नाम अलग-अलग हों।*
*कहीं मिलेगी प्रशंसा.. तो*,
*कहीं चिंता का नकाब मिलेगा..*
*कहीं मिलेगी दुआ.. तो*,
*कहीं बद दुआओं का सैलाब मिलेगा*
*तू चल अपने कर्मपथ पर*,
_*कर्म कर, फल की चिंता ना कर*_
*'जैसा तेरा भाव'*
*वैसा उसका 'प्रभाव' मिलेगा..*
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