Rajkumar Pal

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सही लोग, सही सोच, सामूहिक प्रयास।
जब यहां तक आ ही गए हो फॉलो कर लो।

23/06/2026

"सिस्टम की लापरवाही का सबसे बड़ा शिकार हमेशा आम आदमी ही क्यों बनता है? सरकार समय रहते सुरक्षा मानकों की जांच-पड़ताल और नियमित निरीक्षण क्यों नहीं करती? जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तब ही जांच समिति बैठाई जाती है। यदि लखनऊ के कोचिंग/क्लासेस में पहले ही सुरक्षा व्यवस्था की सही जांच हुई होती, तो शायद 15 लोगों की जान नहीं जाती और 15 परिवार उजड़ने से बच जाते। आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है—सिर्फ क्लासेस संचालकों की या फिर उन सरकारी विभागों की भी, जिन पर निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है?
दुर्घटना के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि दुर्घटना से पहले रोकथाम ही सुशासन की असली पहचान है।" #राजकुमार_पाल

22/06/2026

चाँद पर पहुँचने के लिए अरबों खरबों खर्च करेंगे, लेकिन फायर ब्रिगेड सेवा को विकसित और उन्नत करने पर विचार नहीं करेंगे?

22/06/2026

विनम्र श्रद्धांजलि 💐

22/06/2026

लखनऊ एक कोचिंग में आग।
कब विकसित होंगा फायर बिग्रेड सिस्टम 15 युवाओं क़ी मौत हो गई .फायर ब्रिगेड में बेड्स क्यों नहीं रखते ?

22/06/2026

यह वायरल वीडियो MP के विदिशा की है जब पिता अपनी बेटी को रिनीट पेपर दिलवाने विदिशा के एक सेंटर पर दो मिनट देर से पहुंचा। बंद गेट देखकर पिता गेटमैन से हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा और गेट खोलने की गुहार लगाता रहा, बेटी रोती रही लेकिन गेट नही खुला। यह सिर्फ विदिशा का मामला नही है ऐसे तमाम सेंटर पर एक दो मिनट देर से पहुंचे छात्र छात्राओं का परीक्षा छूट गया। आज यह पिता एक बंद गेट से हार गया, इस पिता का दर्द, बेबसी और अपनी बेटी के सपनों के लिए तड़प साफ दिखाई दे रहा है। जितना तेज इस पिता ने बंद गेट पर अपना सर मारा है सभी को चाहिए उससे तेजी से इस भ्रष्ट तंत्र पर भी आघात करे।

21/06/2026

बिहार में भरत तिवारी के साथ जो भी हुआ, उससे मुझे दुख है। किसी भी राज्य की पुलिस को निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से कार्य करना चाहिए।
#लेकिन_एक_सवाल मन में जरूर उठता है कि जब एससी, एसटी और ओबीसी समाज के युवाओं के साथ अन्याय की घटनाएँ होती हैं, या उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी #अनुष्का_पाल के साथ जो घटनाएँ सामने आईं, तब वही बड़े-बड़े न्यूज चैनल, यूट्यूब पर करोड़ों कमाने वाले लोग और तथाकथित जनहित की आवाज़ उठाने वाले लोग कहाँ थे?
यदि आज न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो हर मामले में समान संवेदनशीलता और निष्पक्षता दिखाई जानी चाहिए। किसी व्यक्ति, जाति या विचारधारा के आधार पर दर्द और न्याय के मानदंड अलग-अलग नहीं होने चाहिए।
गलत को गलत कहने का साहस हर परिस्थिति में होना चाहिए। दोहरे चरित्र और चयनात्मक संवेदनशीलता समाज में अविश्वास पैदा करती है। न्याय सबके लिए समान होना चाहिए, तभी लोकतंत्र और संविधान की भावना मजबूत होगी।
#राजकुमार_पाल

21/06/2026

मैं क्या कहूं जो कहना है आप लोग ही कहें।

21/06/2026

अपने आप को जितना मजबूत और जागरूक बनाओगे, उतना ही समाज भी मजबूत होगा।
किसी की झूठी प्रशंसा करने के बजाय, जितना वास्तविक सम्मान और सराहना बनती है, उतनी ही करनी चाहिए। सत्य और ईमानदारी ही व्यक्ति के चरित्र की पहचान होती है।
साथ ही, किसी की अनावश्यक बुराई या निंदा करने से बचना चाहिए। सकारात्मक सोच, आपसी सम्मान और अच्छे विचार ही समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
मजबूत व्यक्ति से मजबूत समाज बनता है, और मजबूत समाज से मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है।
#राजकुमार_पाल

21/06/2026

अगर नए लोगों को मंच नहीं मिलेगा,
तो नए नेतृत्व का निर्माण कब होगा?

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