15/05/2026
Today, SFI students raised a powerful voice against the NEET paper leak at the main gate of HNB Garhwal University, Birla Campus. This protest was not just a demonstration it was a fight for justice for lakhs of students whose future has been betrayed by corruption and negligence.
We strongly condemn the failure of NTA and demand a fair, transparent, and accountable examination system. Students will not remain silent while their hard work and dreams are destroyed.
“Stop playing with students’ future!”
“Justice for NEET aspirants!”
“Education is a right, not a business of corruption!”
SFI stands firmly with every student demanding justice, accountability, and an end to exam scams.
SFI Secretary _ Anjali
SFI president _ Nirdosha
SFI HNBGU ✊🏼
23/04/2026
Veer Comrade Chandra Singh Garhwali: “I will not fire on unarmed Pathans!!”
Salute to the great hero of the Peshawar uprising, the brave Comrade Chandra Singh Garhwali!
On 23 April 1930, freedom fighter and later a leader associated with the CPI(M), Comrade Chandra Singh defied the orders of British officers and refused to open fire on unarmed Pathans.
Because of this act of rebellion, he was sentenced to death, which was later commuted to life imprisonment, and he was sent to the Cellular Jail (“Kala Pani”).
By refusing to shoot unarmed Pathans, he set an extraordinary example of communal unity that remains unmatched in history.
कामरेड चंद्र सिंह गढ़वाली: मैं निहत्थे पठानों पर गोली नहीं चलाऊंगा!!
पेशावर विद्रोह के महानायक वीर कामरेड चंद्र सिंह गढ़वाली को नमन!
स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और CPIM के नेता रहे कामरेड चंद्र सिंह द्वारा 23 अप्रैल 1930 के दिन, अंग्रेज अफसरों के आदेश की खिलाफत की गई और निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से इनकार किया गया।
इस बगावत के कारण उन्हें सजा ए मौत दी गई जिसे बाद में आजीवन कारावास में परिवर्तित कर उन्हें काला पानी की जेल भेज दिया गया।
निहत्थे पठानों पर गोली चलाने से इनकार कर उन्होंने कौमी एकता की ऐसी मिसाल पेश की जो आज तक इतिहास में अद्वितीय है।
23/04/2026
The 7th Unit Conference of SFI Srinagar Unit was successfully concluded on the 156th birth Anniversary of Comrade Lenin on 22 April 2022.
The conference remembered Comrade Siya Guleria and paid tribute to dear comrade who was recently killed in a knife attack in Sarkaghat Mandi, Himachal Pradesh.
Conference elected a 13 Member Unit committee.
Newly elected committee members and office bearers:
Comrade Anjali – Unit Secretary
Comrade Nirdosha – Unit President
Comrades Akshay & Yogesh – Vice Presidents
Comrades Gaurav & Ankur – Joint Secretaries
Red Salute ✊
SFI Srinagar Unit
Inklab zindabad ✊
Comrade Siya Guleria Amar Rahe!!
26/03/2026
चिपको आन्दोलन की 52 वीं बर्षगांठ पर बिशेष ।
चिपको नेत्री गौरादेवी को शत् शत् नमन ।
उत्तराखण्ड की जनता को चाहिए सुनियोजित विकास :- अनन्त आकाश
आज 26 मार्च 2025 को चिपको आन्दोलन की 52वीं बर्षगांठ है ,आज ही के दिन 26 मार्च 1974 को गौरादेवी के नेतृत्व में रेणीगांव की महिलाओं ने पेड़ों पर चिपक कर सरकार को वनों को काटने से रोका था जो देश दुनिया में चिपको आन्दोलन के रूप में विख्यात हुआ । इस आन्दोलन के प्रेणता थे कामरेड गोबिंद सिंह रावत जिन्होंने अपने साथियों के साथ गांव गांव जाकर खासकर महिलाओं में जागरूकता जगाने का अभियान चलाया था। उन्हीं में थी गौरादेवी एव उनकी सहेलियां ,जिन्होंने इस लड़ाई को आगे बढ़ाया ।
कम्युनिस्टों का इस नीति घाटी में सतत् संघर्षों का इतिहास रहा है। 1974 में बद्रीनाथ मन्दिर की मरम्मत के नाम पर किये जा रहे परिवर्तन पर रोक हो तथा हकहकूकों की रक्षा के लिए चाहे रैणी गांव से शुरू चिपको आन्दोलन हो या फिर चांई गांव को बचाने की लड़ाई या फिर भीमकाय परियोजनाओं का विरोध हो , 2021 की आपदा के समय जनता के दुखदर्दों में हिरावल भूमिका भी कम्युनिस्टों ने निभाई है। आज जहाँ भी जनपक्षीय संघर्ष है ,पेड़ो व पर्यावरण की रक्षा का मुद्दा हो, वहाँ कम्युनिस्ट ही बडे़ ही सिद्दत के साथ लड़ रहे हैं । बावजूद इसके
आज कोरपोरेटपरस्त नीतियों के चलते उत्तराखण्ड में बेहद अनियोजित तथा अनियन्त्रित विकास के कारण पर्यावरण को आयेदिन नुकसान पहुंचाने की योजनायें बनायी जा रही हैं।
आज देहरादून में एलिबेटेड रोड़ ,सात मोड़ में सड़क चौड़ीकरण 4 हजार पेड़ तथा पौंधा में सड़क बनाने के नाम पर हजारों पेड़ों को काटने का प्रस्ताव, आल वेदर रोड़,साईबर ,ट्वीन सिटी ऐरो सिटी ,जोशीमठ , बद्रीनाथ मास्टर प्लान ,केदारनाथ मेंं चल रहे भारी भरकम निर्माण चर्चाओं के केन्द्र में है । बद्रीनाथ के मास्टर प्लान को ही धाम की मौलिकता के साथ नैसर्गिकता के खिलाफ माना गया है ,यहाँ हर तीसरे चौथे साल एक लान्च आते रहते हैं,1978 में आये लान्च ने बद्रीनाथ का पुराना बाजार ही तबाह कर दिया था ।
चिपको आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य ही क्षेत्र में जल ,जगंल ,जमीन की रक्षा का संदेश था जो रैणीगांव की महिलाओं ने गौरादेवी के नेतृत्व में दशकों पहले कर दिखाया था ।
26/03/2026
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी की घटना पर एस एफ आई ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन तथा घटना को बताया गम्भीर ।
देहरादून 26 मार्च 026,
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में 23 मार्च को हुई हिंसक घटना के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), जिला कमेटी देहरादून ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा सिंह को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने यूनिवर्सिटी में हुई घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प में एक छात्र की मौत ने शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
SFI ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीतियों के कारण समाज में “अपने–गैर” की भावना और क्षेत्रवाद बढ़ा है, जिसका असर अब विश्वविद्यालयों में भी दिख रहा है। संगठन के अनुसार गुटबाज़ी और बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप से छात्रों में भय का माहौल बन रहा है।
ज्ञापन में SFI ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और गुटबाज़ी व क्षेत्रवाद पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने एस एफ आई के प्रतिनिधिमंडल को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।